Home राज्यों से Uttar Pradesh होके ‘ कैलाश ‘ पर सवार, करेंगे गंग-घाट का दीदार
होके ‘ कैलाश ‘ पर सवार, करेंगे गंग-घाट का दीदार

होके ‘ कैलाश ‘ पर सवार, करेंगे गंग-घाट का दीदार

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मित्र फ्रांस के राष्ट्रपति संग 12 मार्च को अपने संसदीय क्षेत्र बनारस आ रहे हैं। इस दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्ष अस्सी घाट से कैलाश पर विराजमान होकर घाटों की सुंदरता, घाटों की विशेषता, काशी के सांस्कृतिक विरासत और माहात्म्य को समझेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर की तैयारी जोर शोर से चल रही है। इसमें प्रशासन तो जुटा ही है संकट मोचन मंदिर के महंत व गोस्वामी तुलसी दास अखाड़ा के प्रमुख प्रो विश्वंभर नाथ मिश्र ने भी जबरदस्त तैयारी की है। इसके तहत तुलसी घाट जहां गोस्वामी तुलसी दास ने राम चरित मानस की रचना की। वहां गोस्वामी जी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति का 50 फुट ऊंचा आदमकद कटआउट लगाया जाएगा। इसके अलावा तुलसी घाट की खासियत को दर्शाने के लिए विविध आयोजन भी होंगे। बता दें कि इससे पहले तुलसी घाट पर देव दीपावली के मौके पर सुर साम्राज्ञी गिरिजा देवी का ऐसा ही कट आउट लगा था।
प्रारंभिक प्रोटोकॉल के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति अपने दौरे में करीब 6 घंटे तक वाराणसी में प्रवास करेंगे। इस दौरान वह पीएम मोदी के साथ वाराणसी की हस्तकला का अवलोकन करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी और फ्रेंच राष्ट्रपति गंगा में नौका विहार करेंगे जिसके लिए प्रशासन की ओर से खास तैयारियां की जा रही हैं।

हाइटेक बोट से होगा गंगा तट का दर्शन

अतिथियों के नौका विहार के लिए प्रशासन द्वारा डेढ़ करोड़ की लागत वाली बेहद खास मोटर बोट ‘कैलाश’ को चुना गया है। पूरी तरह वातानुकूलित दो मंजिली इस मोटर बोट में तीन कमरे, एक लग्जरी बेडरूम से लेकर डाइनिंग रूम,वॉशरूम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इसी विशेष मोटरबोट पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वाराणसी के सौंदर्य का अवलोकन करेंगे।

भक्ति महाकुंभ के लिए तैयार हुई थी बोट

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार स्पेशल मोटर बोट ‘कैलाश’ को बीते साल अक्टूबर महीने में आयोजित भक्ति महाकुंभ ‘मानस मसान’ के लिए तैयार किया गया था। करीब 6 महीने में तैयार की गई इस बोट में संत मोरारी बापू के 9 दिवसीय प्रवास की व्यवस्था की गई थी।

तुलसीघाट के सामने गंगा में लगा फौव्वारा

प्रो. मिश्र के छोटे भाई न्यूरो सर्जन डॉ विजय नाथ मिश्र के मुताबिक फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो.विश्वमभर नाथ मिश्र के निर्देश पर 12 मार्च को, प्रधानमंत्री एवं फ़्रांस के राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके तहत गोस्वामी जी के साथ ही दोनों राष्ट्राध्यक्षों का आदमकद कट आउट लगाया जा रहा है। काशी के तुलसी घाट पर गोस्वामी तुलसी दास जी द्वारा काशी में शुरू की गई रामलीला का मंचन भी होगा। तुलसीदास रामलीला समिति द्वारा रामायण की चौपाइयों को गया जाएगा एवं रामलीला भी प्रदर्शित की जाएगी। तुलसी घाट पर, गोस्वामी तुलसी दास जी के अलावा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं फ़्रान्स के राष्ट्रपति एनेम्मुल मैक्रान का 50 फ़ुट ऊंचा, कट आउट लगाया जाएगा।

तुलसी घाट की रामलीला

बता दें कि वैसे तो काशी के हर घाट की अपनी एक संस्कृति व प्राचीन परंपरा है लेकिन गोस्वामी तुलसी घाट कुछ खास है। यही वह स्थल है जहां गोस्वामी जी ने राम चरित मानस सहित भगावान राम के जीवन पर आधारित कई रचनाओं का सृजन किया। यहां गोस्वामी जी द्वारा स्थापित अखाड़ा भी है तो उन्हीं द्वारा शुरू की गई रामलीला का मंचन भी होता है। तुलसीघाट पर आज भी रामचरित मानस की पांडुलिपियां मौजूद है। एक कक्ष ऐसा भी है जहां गोस्वामी जी का खड़ाऊं, उनका बिस्तर आदि भी संरक्षित है। गोस्वामी जी द्वारा स्थापित हनुमान मंदिर भी यहीं है। तुलसी घाट काशी की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख स्थल है। ऐसे में संकट मोचन मंदिर के महंत व संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो मिश्र ने इस घाट की उस प्राचीन विरासत को दोनों राष्ट्राध्यक्षों के सम्मुख प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।

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